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मंत्र जप विधि📜 मंत्र शास्त्र, अनुष्ठान पद्धति1 मिनट पठन

मंत्र जप पूर्ण होने पर उद्यापन कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

हवन (दशांश) → तर्पण (1/10) → मार्जन (1/10) → ब्राह्मण/कन्या भोजन → दक्षिणा → दान → क्षमा। सरल: 108 हवन + भोजन + दान।

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विस्तृत उत्तर

उद्यापन = अनुष्ठान/व्रत पूर्ण होने पर समापन कर्म:

विधि (सवा लाख जप पूर्ण बाद)

  1. 1हवन: दशांश (जप का 1/10) आहुति — मंत्र + 'स्वाहा' + घी।
  2. 2तर्पण: हवन का 1/10 — मंत्र + जल अर्पण।
  3. 3मार्जन: तर्पण का 1/10 — मंत्र + जल छिड़काव।
  4. 4ब्राह्मण/कन्या भोजन: 5/7/9/11 ब्राह्मण या कन्या।
  5. 5दक्षिणा: यथाशक्ति।
  6. 6दान: वस्त्र, अन्न, फल, धन।
  7. 7देवता विसर्जन (यदि विशेष स्थापना): प्रतिमा/यंत्र नदी या यथास्थान।
  8. 8क्षमा प्रार्थना: अनुष्ठान में हुई त्रुटियों हेतु।

सरल उद्यापन: हवन (108 आहुति) + ब्राह्मण भोजन + दान = पर्याप्त।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, अनुष्ठान पद्धति
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