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मंत्र जप विधि📜 मंत्र शास्त्र, अनुष्ठान पद्धति1 मिनट पठन

मंत्र जप में दशांश हवन का क्या नियम है?

संक्षिप्त उत्तर

दशांश = जप का 1/10 हवन। सवा लाख → 12,500 आहुति। क्रम: जप→हवन(1/10)→तर्पण(1/10)→मार्जन(1/10)→दान। प्रत्येक आहुति: मंत्र + 'स्वाहा' + घी। सरल: 108 आहुति भी मान्य।

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विस्तृत उत्तर

दशांश हवन = जप संख्या का 1/10 (10%) आहुति:

नियम

सवा लाख (1,25,000) जप पूर्ण → दशांश = 12,500 आहुति हवन।

क्रम (अनुष्ठान पूर्णता)

  1. 1जप = सवा लाख (मूल)।
  2. 2हवन = जप का 1/10 = 12,500 आहुति।
  3. 3तर्पण = हवन का 1/10 = 1,250 तर्पण।
  4. 4मार्जन = तर्पण का 1/10 = 125 मार्जन।
  5. 5ब्राह्मण भोजन/दान = समापन।

हवन विधि: प्रत्येक आहुति पर मंत्र + 'स्वाहा'। घी + हवन सामग्री। योग्य पुरोहित।

सरल विकल्प: पूर्ण दशांश कठिन हो तो — 108 आहुति (1 माला) भी मान्य (कुछ परंपरा)।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, अनुष्ठान पद्धति
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