विस्तृत उत्तर
दशांश हवन = जप संख्या का 1/10 (10%) आहुति:
नियम
सवा लाख (1,25,000) जप पूर्ण → दशांश = 12,500 आहुति हवन।
क्रम (अनुष्ठान पूर्णता)
- 1जप = सवा लाख (मूल)।
- 2हवन = जप का 1/10 = 12,500 आहुति।
- 3तर्पण = हवन का 1/10 = 1,250 तर्पण।
- 4मार्जन = तर्पण का 1/10 = 125 मार्जन।
- 5ब्राह्मण भोजन/दान = समापन।
हवन विधि: प्रत्येक आहुति पर मंत्र + 'स्वाहा'। घी + हवन सामग्री। योग्य पुरोहित।
सरल विकल्प: पूर्ण दशांश कठिन हो तो — 108 आहुति (1 माला) भी मान्य (कुछ परंपरा)।





