विस्तृत उत्तर
मानस जप = मन में (बिना होंठ/जिह्वा हिलाए) मंत्र जप:
क्या है: सबसे शक्तिशाली जप — शास्त्र: 'सहस्रगुणम् मानसम् उत्तमम्' (वाचिक से 1000 गुना)।
सिद्ध कैसे करें
- 1क्रम: वाचिक (बोलकर) → उपांशु (फुसफुसाकर) → मानस (मन में)। सीधे मानस कठिन — क्रमशः अभ्यास।
- 2अभ्यास: पहले 108 वाचिक → फिर 108 उपांशु → फिर 108 मानस — प्रतिदिन।
- 3ध्वनि कल्पना: मन में मंत्र ध्वनि सुनें — जैसे कान में कोई बोल रहा है।
- 4श्वास संयोजन: श्वास लेते-छोड़ते = मंत्र — मानस जप सहज।
- 5एकाग्रता: विचार आएं तो = वापस मंत्र। धैर्य + अभ्यास।
- 6~6 मास नियमित: मानस जप स्वाभाविक हो जाता है।
सिद्धि लक्षण: मंत्र स्वतः मन में चलता रहे (अजपा जप) — सोते-जागते = सिद्ध।





