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मंत्र जप विधि📜 मंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

मंत्र जप से पहले न्यास विधि कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

शरीर अंगों पर मंत्राक्षर स्थापना। करन्यास (5 अंगुली+करतल), अंगन्यास (6 अंग), मातृका (वर्णमाला)। शरीर = मंत्रमय। सरल: 'ॐ' 3 बार + ध्यान = पर्याप्त।

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विस्तृत उत्तर

न्यास = मंत्र जप पूर्व शरीर के विभिन्न अंगों पर मंत्राक्षर स्थापित करना:

प्रकार

  1. 1करन्यास: हाथ की 5 अंगुलियों + करतल पर मंत्र बीज।
  2. 2अंगन्यास: 6 अंगों (हृदय, मस्तक, शिखा, कवच/भुजा, नेत्र, अस्त्र/करतल) पर।
  3. 3मातृका न्यास: संस्कृत वर्णमाला के अक्षर शरीर पर।

सरल करन्यास (उदाहरण — 'ॐ नमः शिवाय')

  • अंगूठा: 'ॐ' + स्पर्श
  • तर्जनी: 'न' + स्पर्श
  • मध्यमा: 'मः' + स्पर्श
  • अनामिका: 'शि' + स्पर्श
  • कनिष्ठिका: 'वा' + स्पर्श
  • करतल: 'य' + स्पर्श

उद्देश्य: शरीर = मंत्रमय। मंत्र शक्ति शरीर के प्रत्येक अंग में स्थापित।

सरल विकल्प: न्यास जटिल हो तो — 'ॐ' 3 बार जप + इष्ट देवता ध्यान = पर्याप्त (सामान्य जप)।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र
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