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मंत्र जप विधि📜 तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

मंत्र जप में मातृका न्यास कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

50 संस्कृत अक्षर (अ→क्ष) शरीर पर। 16 स्वर = मस्तक→मुख, 34 व्यंजन = कंठ→पैर। बोलें + स्पर्श। तांत्रिक = अनिवार्य। सामान्य = करन्यास/अंगन्यास पर्याप्त। गुरु उत्तम।

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विस्तृत उत्तर

मातृका न्यास = संस्कृत वर्णमाला (50 अक्षर) शरीर पर स्थापना:

क्या है: 50 अक्षर (अ→क्ष) = 50 शक्ति। प्रत्येक अक्षर शरीर के विशिष्ट अंग पर = शरीर मंत्रमय/शक्तिमय।

सरल विधि

  • 16 स्वर (अ→अः) = मस्तक→मुख (ऊपर)।
  • 34 व्यंजन (क→क्ष) = कंठ→पैर (नीचे)।
  • प्रत्येक अक्षर बोलें + संबंधित अंग स्पर्श।

कब: बीज मंत्र/तांत्रिक जप = अनिवार्य। सामान्य = वैकल्पिक।

अंतर्मातृका/बहिर्मातृका: अंतर = मन में। बहिर = शरीर पर स्पर्श।

सार: उन्नत विधि — गुरु मार्गदर्शन। सामान्य जप = करन्यास + अंगन्यास पर्याप्त।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र
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