विस्तृत उत्तर
करन्यास + अंगन्यास = शरीर पर मंत्र स्थापना:
करन्यास (हाथ पर — 6 स्थान)
दाहिने हाथ से बाएं हाथ स्पर्श:
- 1अंगूठा: '[बीज] अंगुष्ठाभ्यां नमः'
- 2तर्जनी: '[बीज] तर्जनीभ्यां स्वाहा'
- 3मध्यमा: '[बीज] मध्यमाभ्यां वषट्'
- 4अनामिका: '[बीज] अनामिकाभ्यां हुं'
- 5कनिष्ठिका: '[बीज] कनिष्ठिकाभ्यां वौषट्'
- 6करतल-करपृष्ठ: '[बीज] करतलकरपृष्ठाभ्यां अस्त्राय फट्'
अंगन्यास (शरीर पर — 6 स्थान)
- 1हृदय: '[बीज] हृदयाय नमः'
- 2मस्तक: '[बीज] शिरसे स्वाहा'
- 3शिखा: '[बीज] शिखायै वषट्'
- 4भुजा (कवच): '[बीज] कवचाय हुं'
- 5नेत्र: '[बीज] नेत्रत्रयाय वौषट्'
- 6करतल (अस्त्र): '[बीज] अस्त्राय फट्'
सरल: अंगूठे से प्रत्येक स्थान स्पर्श + मंत्र बोलें।





