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मंत्र जप विधि📜 योग शास्त्र, प्राणायाम1 मिनट पठन

मंत्र जप में श्वास की गति का क्या महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

मंत्र+श्वास synchronize = एकाग्रता दोगुनी। प्राण = मंत्र वाहन। गहरी श्वास = शांत→गहन जप। अजपा: श्वास='सोऽहम्'। श्वास स्वाभाविक — जबरदस्ती नहीं।

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विस्तृत उत्तर

श्वास + जप = अत्यंत प्रभावी संयोजन:

महत्व

  1. 1मंत्र + श्वास = synchronize: श्वास अंदर = मंत्र प्रथम भाग, बाहर = शेष। जैसे: अंदर→'ॐ नमः', बाहर→'शिवाय'। एकाग्रता दोगुनी।
  2. 2प्राण = मंत्र वाहन: प्राणवायु = मंत्र ऊर्जा को शरीर में ले जाता है।
  3. 3गहन श्वास → शांति: धीमी गहरी श्वास = parasympathetic = शांत → जप गहन।
  4. 4अजपा जप: श्वास = 'सोऽहम्' = स्वाभाविक जप।

नियम: श्वास = स्वाभाविक रखें — जबरदस्ती न रोकें। गहरी किन्तु सहज। प्राणायाम = जप से पहले (अलग), दौरान नहीं (शुरुआती)।

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, प्राणायाम
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