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गति — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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मंत्र जप विधि

मंत्र जप में श्वास की गति का क्या महत्व है?

मंत्र+श्वास synchronize = एकाग्रता दोगुनी। प्राण = मंत्र वाहन। गहरी श्वास = शांत→गहन जप। अजपा: श्वास='सोऽहम्'। श्वास स्वाभाविक — जबरदस्ती नहीं।

श्वासगतिजप
मंत्र जप नियम

मंत्र जप की गति तेज होनी चाहिए या धीमी?

मध्यम सर्वोत्तम। 'नातिशीघ्रं नातिविलम्बितम्।' शुरुआत: धीमी (सीखना)। अभ्यास: मध्यम (लय)। अनुष्ठान: मध्यम-तीव्र। शुद्धता > गति। लय/प्रवाह बनाएं।

गतितेजधीमी
आत्मा और मोक्ष

मरने के बाद आत्मा कहाँ जाती है हिंदू धर्म अनुसार

कर्मानुसार आत्मा पांच गतियों को प्राप्त होती है: देवयान (ब्रह्मलोक/मोक्ष), पितृयान (पितृलोक → पुनर्जन्म), मनुष्य/पशु योनि में पुनर्जन्म, नरक (पापियों को), या सीधे मोक्ष। गीता 8.6 — अंतिम क्षण का भाव गति निर्धारित करता है।

आत्मामृत्युपरलोक

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।