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मंत्र जप विधि📜 तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

मंत्र जप में दिग्बंधन क्या होता है और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

6/10 दिशाएं 'lock' = सुरक्षा कवच। 'ॐ अस्त्राय फट्' + चुटकी (पूर्व→दक्षिण→पश्चिम→उत्तर→ऊर्ध्व→अधो)। अनुष्ठान = अनिवार्य। दैनिक = वैकल्पिक। बाधा निवारण + ऊर्जा संरक्षण।

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विस्तृत उत्तर

दिग्बंधन = चारों दिशाओं + ऊर्ध्व + अधो = 6/10 दिशाओं को 'बंद' (lock) करना:

क्या है: जप/साधना पूर्व साधक के चारों ओर सुरक्षा कवच — बाहरी नकारात्मक ऊर्जा अंदर न आए, जप ऊर्जा बाहर न जाए।

सरल विधि

  1. 1दाहिने हाथ में जल लें।
  2. 2'ॐ अस्त्राय फट्' बोलते हुए:
  • पूर्व → दक्षिण → पश्चिम → उत्तर → ऊर्ध्व (ऊपर) → अधो (नीचे) = 6 दिशाएं।
  • प्रत्येक दिशा में दाहिने हाथ से ताली/चुटकी बजाएं।
  1. 1या: 'ॐ' + चुटकी = 10 दिशाओं में।

कब: अनुष्ठान/तांत्रिक जप = अनिवार्य। सामान्य दैनिक = वैकल्पिक।

लाभ: बाधा निवारण, ऊर्जा संरक्षण, एकाग्रता।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र
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