विस्तृत उत्तर
जप पूर्व प्रणाम विधि:
- 1साष्टांग प्रणाम (सर्वोत्तम): 8 अंग (माथा, छाती, दोनों हाथ, दोनों घुटने, दोनों पैर) भूमि स्पर्श = पूर्ण समर्पण। (पुरुष = साष्टांग, महिला = पंचांग/शिर नमन)।
- 2दंडवत: पूरा शरीर भूमि पर लेटकर = अत्यंत विनम्र।
- 3शिर नमन: हाथ जोड़कर शिर झुकाना = सरल।
- 4मानसिक: मन में देवता को प्रणाम + 'ॐ [देवता]ाय नमः'।
क्रम: प्रणाम → गुरु प्रणाम → विनियोग → न्यास → ध्यान → जप।
मंत्र: 'ॐ गुरुभ्यो नमः। ॐ गणेशाय नमः। ॐ [इष्ट देवता]ाय नमः।'





