विस्तृत उत्तर
अखंड कीर्तन = निरंतर (24 घंटे+) मंत्र/नाम कीर्तन:
महत्व
- 1सामूहिक ऊर्जा: अनेक भक्त = exponential शक्ति। वातावरण दिव्य।
- 2निरंतरता: 'अखंड' = बिना रुके — ब्रह्म = अखंड, कीर्तन = अखंड = ब्रह्म अनुभव।
- 3कलियुग धर्म: 'कलौ संकीर्तनाद्येव' — कलियुग में कीर्तन = सबसे सरल + प्रभावी।
- 4चैतन्य महाप्रभु: 'हरे कृष्ण' अखंड कीर्तन = भक्ति आंदोलन। कृष्ण प्रेम प्राप्ति।
- 5सिद्ध परंपरा: अखंड रामायण, अखंड कीर्तन, अखंड ज्योति = निरंतर ऊर्जा प्रवाह।
अवधि: 24 घंटे, 48 घंटे, 7 दिन — भक्तों की पारी (relay)। विशेष अवसर (नवरात्रि/जन्माष्टमी)।





