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मंत्र जप ज्ञान📜 योग शास्त्र, नाद योग, शैव दर्शन1 मिनट पठन

अजपा जप क्या होता है और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

श्वास = स्वतः 'सोऽहम्' जप। अंदर='सो'(वह/ब्रह्म), बाहर='हम्'(मैं)। 21,600 श्वास/दिन = 21,600 जप। श्वास पर ध्यान = स्वतः। मानस से ऊपर। कोई नियम नहीं — सदा चल रहा। सिद्ध = मोक्ष।

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विस्तृत उत्तर

अजपा जप = बिना प्रयास/स्वतः चलने वाला जप:

क्या है: प्रत्येक श्वास स्वतः मंत्र जप कर रही है — 'सोऽहम्' (So = श्वास अंदर, Ham = बाहर)। 'सो' = वह (ब्रह्म), 'अहम्' = मैं → 'वह मैं हूं'। प्रतिदिन ~21,600 श्वास = 21,600 'सोऽहम्' जप।

कैसे

  1. 1शांत बैठें, आंखें बंद।
  2. 2श्वास अंदर = 'सो' सुनें (कल्पना)।
  3. 3श्वास बाहर = 'हम्' सुनें।
  4. 4जबरदस्ती नहीं — श्वास पर ध्यान = स्वतः 'सोऽहम्'।
  5. 5नियमित अभ्यास = 24×7 अजपा → सोते-जागते।

सर्वोच्च: अजपा = मानस जप से भी ऊपर। कोई माला/आसन/नियम नहीं — सदा चल रहा है। 'जिसने अजपा सिद्ध कर ली = मोक्ष निश्चित।'

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, नाद योग, शैव दर्शन
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