1साष्टांग प्रणाम (सर्वोत्तम): 8 अंग (माथा, छाती, दोनों हाथ, दोनों घुटने, दोनों पैर) भूमि स्पर्श = पूर्ण समर्पण। (पुरुष = साष्टांग, महिला = पंचांग/शिर नमन)।
2दंडवत: पूरा शरीर भूमि पर लेटकर = अत्यंत विनम्र।
3शिर नमन: हाथ जोड़कर शिर झुकाना = सरल।
4मानसिक: मन में देवता को प्रणाम + 'ॐ [देवता]ाय नमः'।