विस्तृत उत्तर
न्यास' (करन्यास, हृदयादि षडंगन्यास) एक गहन तांत्रिक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा साधक मंत्र के चैतन्य को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में स्थापित करता है।
यह प्रक्रिया साधक के स्थूल शरीर को एक दिव्य पात्र बनाती है, जो देवी की प्रचंड ऊर्जा को धारण करने के योग्य बन सके।
इसीलिए कहा जाता है कि ऐसी तीव्र साधनाएं सदैव योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए।





