विस्तृत उत्तर
सनातन परंपरा में 'कवच' केवल एक स्तोत्र या प्रार्थना-संग्रह नहीं है, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक, यौगिक एवं तांत्रिक प्रक्रिया है। इसे 'न्यास' की एक विशिष्ट पद्धति के रूप में समझा जाना चाहिए, जिसमें मंत्रों के माध्यम से शरीर के अंगों पर दिव्य शक्तियों का आवाहन और स्थापन किया जाता है।





