विस्तृत उत्तर
हाँ, यदि साधक शुद्ध संस्कृत उच्चारण में सक्षम नहीं है, तो वह 'हिन्दी में पाठ कर सकता है'। गलत संस्कृत उच्चारण से पाठ करने की तुलना में शुद्ध भाव से हिंदी में पाठ करना अधिक महत्वपूर्ण है।
हाँ, अशुद्ध संस्कृत पढ़ने से बेहतर है कि भक्त शुद्ध भाव के साथ हिंदी में कवच का पाठ करे।
हाँ, यदि साधक शुद्ध संस्कृत उच्चारण में सक्षम नहीं है, तो वह 'हिन्दी में पाठ कर सकता है'। गलत संस्कृत उच्चारण से पाठ करने की तुलना में शुद्ध भाव से हिंदी में पाठ करना अधिक महत्वपूर्ण है।
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