विस्तृत उत्तर
साधना का अंतिम लक्ष्य 'अभेद' है, जो प्रेम और अनन्यता पर आधारित है। 'मैं शिव का हूँ, शिव मेरे हैं' — यह अनन्यता की भावना ही वास्तविक, अभेद्य और अमोघ कवच है।
अंतिम लक्ष्य शिव के साथ अनन्यता स्थापित करना है जहाँ साधक और शिव में कोई भेद न रहे।
साधना का अंतिम लक्ष्य 'अभेद' है, जो प्रेम और अनन्यता पर आधारित है। 'मैं शिव का हूँ, शिव मेरे हैं' — यह अनन्यता की भावना ही वास्तविक, अभेद्य और अमोघ कवच है।
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