विस्तृत उत्तर
संकल्प किसी भी अनुष्ठान का प्राण है। यह एक आध्यात्मिक 'अनुबंध' या प्रतिज्ञा-पत्र है जो साधक को उसके इष्ट, लक्ष्य और साधना के प्रति प्रतिज्ञाबद्ध करता है। यह स्पष्ट करता है कि साधना केवल मोक्ष के लिए नहीं, बल्कि सांसारिक कल्याण (भोग) के लिए भी है।





