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विस्तृत उत्तर
संकल्प स्पष्ट करता है कि पौराणिक साधना केवल मोक्ष के लिए नहीं, अपितु 'भोग' (स्वास्थ्य, ऐश्वर्य, विजय) और 'मोक्ष' (आध्यात्मिक मुक्ति) दोनों के संतुलन के लिए है। इसमें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की सिद्धि का भाव होता है।
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