विस्तृत उत्तर
रुद्र कवच के अनुसार हृदय की रक्षा 'महादेव' और स्तन-मध्य या वक्ष-स्थल की रक्षा 'ईश्वर' स्वरूप करते हैं। नाभि और कटि की रक्षा 'उमापति' करते हैं।
साधक के हृदय की रक्षा महादेव और वक्ष-स्थल की रक्षा भगवान ईश्वर करते हैं।
रुद्र कवच के अनुसार हृदय की रक्षा 'महादेव' और स्तन-मध्य या वक्ष-स्थल की रक्षा 'ईश्वर' स्वरूप करते हैं। नाभि और कटि की रक्षा 'उमापति' करते हैं।
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