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ईश्वर — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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ध्यान अनुभव

ध्यान में ईश्वर के साथ एकत्व का अनुभव कैसा होता है?

'अहं ब्रह्मास्मि' = अनुभव। सर्वत्र ईश्वर (सब=एक=मैं)। अनंत प्रेम, शांति, आनंद अश्रु, शब्दहीन। 'तत् त्वम् असि' (छांदोग्य)। 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म।' दुर्लभ → स्थिर=जीवनमुक्ति।

ईश्वरएकत्वअनुभव
हिंदू दर्शन

भगवान निराकार है या साकार हिंदू धर्म क्या कहता है

हिंदू धर्म में भगवान निराकार भी हैं और साकार भी — दोनों सत्य, दोनों मान्य। उपनिषद = निराकार ब्रह्म; पुराण/गीता = साकार अवतार। तुलसीदास — 'सगुनहि अगुनहि नहिं कछु भेदा'। जैसे जल = निराकार, बर्फ = साकार — पदार्थ एक ही।

निराकारसाकारईश्वर
हिंदू दर्शन

भगवान दुखों को क्यों नहीं रोकते

ब्रह्मसूत्र 2.1.34 — ईश्वर निर्दय नहीं; दुःख जीव के कर्मों से आता है। गीता 2.14 — सुख-दुःख अनित्य। अविद्या (अज्ञान) दुःख का मूल कारण। आत्मा दुःख से अप्रभावित (गीता 2.23)। ईश्वर ने मोक्ष मार्ग दिया — शाश्वत दुःख मुक्ति।

दुखकर्मईश्वर
सनातन सिद्धांत

परमात्मा क्या है?

परमात्मा वह सर्वोच्च, सर्वव्यापी और असीमित चेतना है जो तीनों लोकों में व्याप्त है। गीता (15/17) में उसे सबका धारण-पोषण करने वाला अविनाशी ईश्वर कहा गया है। वह सत्-चित्-आनंद स्वरूप है।

परमात्माईश्वरसर्वव्यापी

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।