विस्तृत उत्तर
शिव को सृष्टि, पालन और संहार से सीधे जुड़ा बताया गया है। विष्णु जल के मध्य स्थित रहने वाले, ब्रह्मा और विष्णु दोनों के मध्य प्रकाशमान, सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता, संहारकर्ता और मृत्युस्वरूप ईश्वर को नमस्कार करते हैं। आगे शिव को तीन गुणों वाला, चतुर्व्यूहरूप, संसारस्वरूप और संसार के कारणरूप भी नमस्कार किया गया है। इस प्रकार वे जगत की उत्पत्ति, स्थिति, संहार और संसार-कारण से जुड़े महेश्वर रूप में स्तुत हैं।
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