📖
विस्तृत उत्तर
महेश्वर शिव को सृष्टि, पालन और संहाररूप लीला के लिए लिङ्गस्वरूप धारण करनेवाला बताया गया है। इसी प्रसंग में सूतजी महेश्वर शिव को प्रणाम करके शुभ लिङ्गोद्भव की कथा का यथोचित वर्णन करने की प्रतिज्ञा करते हैं। इसलिए शिव के लिङ्गरूप धारण करने का संबंध सृष्टि, पालन और संहार की लीला से जोड़ा गया है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 1, PDF पृष्ठ 15, श्लोक 23-24
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





