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विस्तृत उत्तर
भगवान् शंकर के विग्रहों की व्यापकता और उनकी लिङ्गमूर्ति की विशेषता वर्णित बताई गई है। उपलब्ध अनुक्रमणिका में लिङ्गमूर्ति की पूरी विशेषता विस्तार से नहीं दी गई, पर यह स्पष्ट कहा गया है कि शंकरजी के विग्रहों की व्यापकता और उनकी लिङ्गमूर्ति की विशेषता इस पुराण में वर्णित विषयों में आती है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 2, PDF पृष्ठ 20, श्लोक 55-56
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