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विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा, विष्णु और शिवरूप का प्रयोग सदाशिव के लिए हुआ है। सदाशिव को जगत् की उत्पत्ति, स्थिति और अंत का कारण बताते हुए ब्रह्मा-विष्णु-शिवरूपात्मक परमात्मा कहा गया है। इसलिए इस संदर्भ में ब्रह्मा, विष्णु और शिवरूप का अर्थ सृष्टि, स्थिति और अंत से जुड़े दिव्य कार्यों को सदाशिव में एक साथ समझना है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 1, PDF पृष्ठ 13-15, श्लोक 1
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