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शंकर प्रश्नोत्तरी — 14 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित शंकर विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 14 प्रश्न

शिव नाम

शिव के 108 नामों में से सबसे शक्तिशाली नाम कौन सा है?

शास्त्रों में एक नाम 'सबसे शक्तिशाली' घोषित नहीं। प्रमुख: 'शिव' (पंचाक्षर मूल — वेद सार), 'रुद्र' (यजुर्वेद), 'महादेव' (देवों के देव), 'महामृत्युंजय' (ऋग्वेद), 'महाकाल' (समय नियंत्रक)। भक्ति भाव से कोई भी नाम शक्तिशाली।

108 नामशक्तिशालीमहादेव
माहेश्वर योग

शिव की कृपा से ज्ञान कैसे मिलता है?

शिव की अनुकम्पा से ज्ञान उत्पन्न होता है; उसी ज्ञान से योग में प्रवृत्ति होती है।

शिव कृपाज्ञानयोग
शंकर महिमा

शिव के आश्रित पापी नरक में क्यों नहीं जाते?

क्योंकि शंकरजी का आश्रय लेने वाले मुक्ति पाते हैं और शिवजी के शाश्वत पद को प्राप्त होते हैं।

शिव आश्रयपापीनरक
शंकर महिमा

शिव की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

शंकर की शरण लेने वाले मुक्ति प्राप्त करते हैं और शिवजी का शाश्वत पद पा जाते हैं।

शिव शरणमुक्तिशंकर
शंकर नाम

शंकर नाम का अर्थ क्या है?

शंकर नाम का अर्थ कल्याण करने वाला बताया गया है।

शंकरनाम अर्थकल्याण
शंकर महिमा

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य कैसे मिलते हैं?

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य शिवजी की कृपा से प्राप्त होते हैं।

धर्मज्ञानवैराग्य
शंकर महिमा

शिव सबका कल्याण कैसे करते हैं?

शिव दयार्द्र होकर प्राणियों का कल्याण करते हैं; उनकी आत्मा बिना प्रयत्न कल्याण करने वाली कही गई है।

शिवकल्याणशंकर
शंकर महिमा

शिव स्थाणु क्यों कहलाए?

रुद्रात्मक सृष्टि से निवृत्त होकर निष्कल आत्मा वाले शंकर अधिष्ठित हुए, इसलिए उनका स्थाणुत्व बताया गया।

शिवस्थाणुरुद्र
सृष्टि

मृत्यु वाली सृष्टि किसने बनाई?

शंकर की आज्ञा पाकर चतुरानन ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त स्थावर-जंगम जगत की रचना की।

मृत्यु वाली सृष्टिब्रह्माजरा
सृष्टि

शिव ने मरणधर्मा सृष्टि पर क्या उत्तर दिया?

शिव ने कहा कि मरणधर्मा सृष्टि करना उनकी स्थिति नहीं है; ब्रह्मा अपने इच्छानुसार मृत्युयुक्त प्रजा बनाएं।

शिवशंकरमरणधर्मा सृष्टि
ब्रह्माण्ड वर्णन

ब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?

महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।

ब्रह्माण्डअण्डमहत्तत्त्व
शिव तत्त्व

लिंग मूर्ति की विशेषता क्या बताई गई है?

भगवान् शंकर के विग्रहों की व्यापकता और उनकी लिङ्गमूर्ति की विशेषता वर्णित बताई गई है।

लिंग मूर्तिशंकरविग्रह
अवतार कथा

पृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु ने किसकी आराधना की?

पृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु द्वारा शंकरजी की आराधना का वर्णन बताया गया है।

विष्णुशंकरपृथ्वी का भार
शिव दर्शन

शिव के रुद्र रूप और शंकर रूप में क्या अंतर है?

रुद्र = उग्र/रौद्र/दुःखनाशक/संहारक (ऋग्वेद)। शंकर = सौम्य/कल्याणकारी/वरदानी (पुराण)। रुद्र = तीसरा नेत्र/अग्नि/रुद्राभिषेक। शंकर = चंद्रमा/गंगा/नंदी/पार्वती। एक ही शिव — दो पक्ष।

रुद्रशंकरअंतर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।