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विस्तृत उत्तर
शिव के आश्रित पापी नरक में नहीं जाते, क्योंकि पाठ के अनुसार शंकरजी की शरण लेने वाले सभी प्राणी मुक्ति प्राप्त करते हैं। वहाँ कहा गया है कि भगवान् शंकर के आश्रित महान् पापी भी अत्यन्त भयावह नरक को नहीं प्राप्त होते। वे शिवजी के शाश्वत पद को पा जाते हैं। यह कथन शंकर की शरण और उनके कल्याणकारी स्वरूप से जुड़ा हुआ है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 6, PDF पृष्ठ 37, श्लोक 26
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