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पूर्वभाग अध्याय 6 से जुड़े सभी प्रश्न(38)

पूर्वभाग अध्याय 6 पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 38 प्रश्न उपलब्ध हैं।

नरक और महादेव

ऋषियों ने नरक के बारे में क्या पूछा?

ऋषियों ने पूछा कि किन कर्मों को करने या न करने से मनुष्य नरक को प्राप्त होते हैं।

#ऋषि प्रश्न#नरक#कर्म
नरक और महादेव

महादेव गुणों के अनुसार कौन-कौन से रूप धारण करते हैं?

तमोगुण प्रधान होने पर वे कालरुद्र, रजोगुण प्रधान होने पर ब्रह्मा, सत्त्वगुण प्रधान होने पर विष्णु और गुणरहित होने पर महेश्वर रूप बताए गए हैं।

#महादेव#तमोगुण#रजोगुण
नरक और महादेव

28 करोड़ नरक किसके लिए बताए गए हैं?

28 करोड़ नरक उन पापी प्राणियों के लिए बताए गए हैं जो महादेव का आश्रय ग्रहण नहीं करते और अपने कर्मों के फल भोगते हैं।

#28 करोड़ नरक#नरक#पापी
शंकर महिमा

शिव के आश्रित पापी नरक में क्यों नहीं जाते?

क्योंकि शंकरजी का आश्रय लेने वाले मुक्ति पाते हैं और शिवजी के शाश्वत पद को प्राप्त होते हैं।

#शिव आश्रय#पापी#नरक
शंकर महिमा

शिव की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

शंकर की शरण लेने वाले मुक्ति प्राप्त करते हैं और शिवजी का शाश्वत पद पा जाते हैं।

#शिव शरण#मुक्ति#शंकर
शंकर नाम

नीललोहित नाम का अर्थ क्या है?

नीला कण्ठ और लाल देह होने के कारण शिवजी नीललोहित कहलाते हैं।

#नीललोहित#नीला कण्ठ#लाल देह
शंकर नाम

पिनाकी नाम का अर्थ क्या है?

पिनाक नामक धनुष धारण करने के कारण शिवजी पिनाकी कहलाते हैं।

#पिनाकी#पिनाक#धनुष
शंकर नाम

शंकर नाम का अर्थ क्या है?

शंकर नाम का अर्थ कल्याण करने वाला बताया गया है।

#शंकर#नाम अर्थ#कल्याण
शंकर महिमा

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य कैसे मिलते हैं?

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य शिवजी की कृपा से प्राप्त होते हैं।

#धर्म#ज्ञान#वैराग्य
शंकर महिमा

सदाशिव की कृपा से क्या संभव होता है?

सदाशिव की कृपा से सत्-असत् वस्तु-विवेक और विषयों का त्याग एक साथ संभव होता है।

#सदाशिव#कृपा#आत्मानात्म विवेक
शंकर महिमा

केवल विषय त्याग अस्थायी क्यों है?

आत्मानात्मविवेक रूप विशिष्ट ज्ञान के बिना किया गया क्षणिक विषयत्याग ज्ञानरहित और अस्थायी बताया गया है।

#विषय त्याग#आत्मानात्म विवेक#ज्ञान
शंकर महिमा

वैराग्य से शिव दर्शन कैसे मिलता है?

स्वल्प विषयों का त्याग करके प्राणी सांसारिक भय से मुक्त होता है, फिर वैराग्य पाकर अंत में शिव दर्शन प्राप्त करता है।

#वैराग्य#शिव दर्शन#विषय त्याग
शंकर महिमा

शिव सबका कल्याण कैसे करते हैं?

शिव दयार्द्र होकर प्राणियों का कल्याण करते हैं; उनकी आत्मा बिना प्रयत्न कल्याण करने वाली कही गई है।

#शिव#कल्याण#शंकर
शंकर महिमा

शिव स्थाणु क्यों कहलाए?

रुद्रात्मक सृष्टि से निवृत्त होकर निष्कल आत्मा वाले शंकर अधिष्ठित हुए, इसलिए उनका स्थाणुत्व बताया गया।

#शिव#स्थाणु#रुद्र
सृष्टि

स्थावर-जंगम जगत क्या है?

स्थावर-जंगम जगत वही सम्पूर्ण जगत है जिसे ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त बनाया।

#स्थावर जंगम#जगत#ब्रह्मा
सृष्टि

मृत्यु वाली सृष्टि किसने बनाई?

शंकर की आज्ञा पाकर चतुरानन ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त स्थावर-जंगम जगत की रचना की।

#मृत्यु वाली सृष्टि#ब्रह्मा#जरा
सृष्टि

शिव ने मरणधर्मा सृष्टि पर क्या उत्तर दिया?

शिव ने कहा कि मरणधर्मा सृष्टि करना उनकी स्थिति नहीं है; ब्रह्मा अपने इच्छानुसार मृत्युयुक्त प्रजा बनाएं।

#शिव#शंकर#मरणधर्मा सृष्टि
सृष्टि

ब्रह्मा ने शिव से कैसी प्रजा बनाने को कहा?

ब्रह्मा ने शिव से मरणधर्मा प्रजा बनाने को कहा, क्योंकि अमर प्रजा की सृष्टि उचित नहीं बताई।

#ब्रह्मा#शिव#मरणधर्मा प्रजा
रुद्र उत्पत्ति

ब्रह्मा ने रुद्रों की स्तुति कैसे की?

ब्रह्मा ने नीललोहित रुद्रों को त्रिनेत्रधारी, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी, नित्य, निर्मल, विश्वात्मा और शिवजी के आत्मज कहकर प्रणाम किया।

#ब्रह्मा#रुद्र स्तुति#नीललोहित
रुद्र उत्पत्ति

रुद्रों ने कितने भुवनों को व्याप्त किया?

नीललोहित महादेव से उत्पन्न रुद्रों ने सभी चौदह भुवनों को पूर्ण रूप से व्याप्त कर लिया।

#रुद्र#चौदह भुवन#नीललोहित
रुद्र उत्पत्ति

नीललोहित महादेव ने क्या उत्पन्न किया?

नीललोहित महादेव ने ब्रह्मा की प्रार्थना पर अपने तुल्य अनेक रुद्र उत्पन्न किये।

#नीललोहित#महादेव#रुद्र
सती और शिव

सती ने पार्वती रूप में किसे पति माना?

सती ने पार्वती रूप में पुनः शिवजी को पति रूप में प्राप्त किया।

#सती#पार्वती#शिव
सती और शिव

सती ने दक्ष यज्ञ में क्या किया?

सती ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस करके अपना देहत्याग किया।

#सती#दक्ष यज्ञ#विध्वंस
पितृ वंश

धरणी कौन थी?

धरणी मेरुराजपत्नी स्वधा से उत्पन्न यज्ञानुष्ठान में प्रवृत्त रहने वाली मानसी पुत्री थीं।

#धरणी#स्वधा#मेरुराजपत्नी
पितृ वंश

हैमवती गंगा कौन हैं?

हैमवती गंगा मेना से उत्पन्न बताई गई हैं और शिवजी के मस्तक पर विराजमान रहने से जगत् को पवित्र करने वाली कही गई हैं।

#हैमवती गंगा#मेना#गंगा
पितृ वंश

उमा किसकी पुत्री थीं?

उमा मेना से उत्पन्न बताई गई हैं; आगे सती के पार्वती रूप में शिव को पति रूप में प्राप्त करने का वर्णन आता है।

#उमा#मेना#मैनाक
पितृ वंश

मैनाक और क्रौञ्च कौन थे?

मैनाक और क्रौञ्च मेना से उत्पन्न बताए गए हैं।

#मैनाक#क्रौञ्च#मेना
पितृ वंश

मेना की संतान कौन थी?

मेना से मैनाक, क्रौञ्च, उमा और हैमवती गंगा उत्पन्न बताए गए हैं।

#मेना#मैनाक#क्रौञ्च
पितृ वंश

मेना कौन थी?

मेना स्वधा से अग्निष्वात्त पितरों की उत्पन्न मानसी कन्या थीं।

#मेना#स्वधा#अग्निष्वात्त
पितृ वंश

पितर कितने प्रकार के होते हैं?

पितर दो प्रकार के बताए गए हैं: अयज्वा और यज्वा।

#पितर#अग्निष्वात्त#बर्हिषद
अग्नि वंश

अग्नियों को रुद्रस्वरूप क्यों कहा गया है?

अग्नियों को तपस्वी, व्रतधारी, प्रजाओं के पति और रुद्रस्वरूप कहा गया है।

#अग्नियाँ#रुद्रस्वरूप#तपस्वी
अग्नि वंश

अग्नियों की पूजा कहाँ होती है?

उनचास अग्नियाँ यज्ञों में आराधित कही गई हैं।

#अग्नियाँ#यज्ञ#आराधना
अग्नि वंश

49 अग्नियाँ क्या हैं?

पुत्रों और पौत्रों को मिलाकर, आदिम सप्तक को छोड़कर कुल उनचास अग्नियाँ कही गई हैं।

#49 अग्नियाँ#अग्नि#यज्ञ
अग्नि वंश

स्वाहा के पुत्र कौन-कौन हैं?

स्वाहा के पुत्र पवमान, पावक और शुचि बताए गए हैं।

#स्वाहा#अग्नि#पवमान
अग्नि वंश

शुचि कैसे उत्पन्न हुए?

शुचि का आविर्भाव सूर्य-प्रभा से बताया गया है।

#शुचि#सूर्य प्रभा#अग्नि
अग्नि वंश

पावक कैसे उत्पन्न हुए?

पावक का आविर्भाव विद्युत् से बताया गया है।

#पावक#विद्युत्#अग्नि
अग्नि वंश

पवमान कैसे उत्पन्न हुए?

पवमान का आविर्भाव अरणी आदि में घर्षण से बताया गया है।

#पवमान#अरणी#घर्षण
अग्नि वंश

अग्नि के तीन पुत्र कौन हैं?

अग्नि के तीन पुत्र पवमान, पावक और शुचि बताए गए हैं। ये तीनों स्वाहा के पुत्र हैं।

#अग्नि#स्वाहा#पवमान
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