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विस्तृत उत्तर
ब्रह्माण्ड अण्ड महत्तत्त्व से लेकर पंचमहाभूत तक सभी तत्त्वों से उत्पन्न बताया गया है। परमात्मा पितामह ब्रह्मा, शंकर और विश्वव्यापी प्रभु विष्णु के रूप में उस अण्ड से जल के बुलबुले की तरह अवतीर्ण हुआ। सभी लोक और उनके भीतर का सम्पूर्ण जगत् उस अण्ड में सन्निविष्ट बताया गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 23, श्लोक 28-29
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