ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड के सात आवरण कौन से हैं?अण्ड के सात प्राकृत आवरण जल, तेज, वायु, आकाश, तामस अहंकार, महत्तत्त्व और अव्यक्त प्रधान बताए गए हैं।#ब्रह्माण्ड#सात आवरण#जल
ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।#ब्रह्माण्ड#अण्ड#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्वब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और आठ आवरणों का वर्णन कहाँ है?अण्ड की उत्पत्ति और उसके आठ आवरणों का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में बताया गया है।#ब्रह्माण्ड#अण्ड#आठ आवरण
लोकपाताल लोक का पूरा विस्तार कितना है?पाताल की सात अधोलोक संरचना का कुल विस्तार 70,000 योजन है।#पाताल विस्तार#70,000 योजन#सात अधोलोक
रामचरितमानस — बालकाण्डलक्ष्मणजी ने जनक की बात सुनकर क्या कहा?'तोरौं छत्रक दंड जिमि तव प्रताप बल नाथ' — धनुष को कुकुरमुत्ते की तरह तोड़ दूँ। प्रभु की शपथ — ऐसा न करूँ तो धनुष-तरकस कभी न छुऊँ। वचन बोलते ही पृथ्वी डगमगाई, दिग्गज काँपे, राजा डरे, सीता हर्षित, जनक सकुचाये।#बालकाण्ड#लक्ष्मण वचन#क्रोध