📖
विस्तृत उत्तर
बद्ध जीव तीन गुणों वाली अजा प्रकृति की प्रेमपूर्वक सेवा करता हुआ उसका अनुसरण करता है। यह प्रकृति बहुविध प्रजाओं की उत्पत्ति करनेवाली है और रजोगुण, सत्त्वगुण और तमोगुण से युक्त बताई गई है। इसके विपरीत अनासक्त जीव प्रकृति के भोगों को भोगकर उसकी असारता और क्षणभंगुरता समझता है और माया का परित्याग कर देता है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 22, श्लोक 13-14
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?




