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विस्तृत उत्तर
तामस अहंकार तमोगुण की अधिकता वाला अहंकार बताया गया है। वह महत्तत्त्व से उत्पन्न होता है और रजोगुण से आवृत तमोगुण की अधिकता से युक्त कहा गया है। आगे तामस अहंकार से शब्द तन्मात्रावाले आकाश की उत्पत्ति कही गई है। राजस, तामस और सात्त्विक सर्ग साथ-साथ प्रवृत्त होते हैं, फिर भी भूतसर्ग में तामस अहंकार से सर्ग बताया गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 22, श्लोक 17-19 और 26
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