📖
विस्तृत उत्तर
पंच तन्मात्रा का उल्लेख सृष्टि-तत्त्वों के वर्णन में आता है। महत्, अहंकार और पंच तन्मात्रा को मिलाकर सात रूपों की बात कही गई है। वही पंच तन्मात्रा शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध बताई गई हैं। इन पाँचों के नाम स्पष्ट दिए गए हैं, इसलिए स्रोत-आधारित उत्तर है: शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 1, PDF पृष्ठ 15, श्लोक 23-24
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





