सृष्टि तत्त्वपृथ्वी में पाँच गुण क्यों बताए गए हैं?पृथ्वी शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध पाँचों गुणों से युक्त बताई गई है।#पृथ्वी#पाँच गुण#शब्द
सृष्टि तत्त्वपंच तन्मात्रा कैसे उत्पन्न होती हैं?अहंकार से शब्द, स्पर्श आदि तन्मात्राएँ उत्पन्न होती हैं और उनसे भूतसर्ग आगे बढ़ता है।#पंच तन्मात्रा#शब्द#स्पर्श
जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को किस रूप में रखा जाता है?नरक में जीव पिंडदान से निर्मित 'यातना-देह' में रहता है। यह वासनामय, सूक्ष्म शरीर है जो पूरी पीड़ा अनुभव कर सकता है। यमदूत के पाश में बँधे, भूखे-प्यासे रूप में दंड भोगता है।#नरक#रूप#सूक्ष्म शरीर