दिव्यास्त्रपाशुपतास्त्र कैसे चलाया जाता था?पाशुपतास्त्र धनुष से बाण की तरह, मन के संकल्प से, दृष्टि मात्र से, या शब्दों के उच्चारण — किसी भी तरीके से चलाया जा सकता था।#पाशुपतास्त्र#चलाने की विधि#मन संकल्प
विश्वव्यापक शिवशिव इन्द्रियों के विषयों में कैसे हैं?शिव को शब्द, स्पर्श, रस और गंध स्वरूप कहा गया है; उन्हें गंधी और गणों का अधिपति भी नमस्कार किया गया है।#शब्द#स्पर्श#रस
सृष्टि तत्त्वपृथ्वी में पाँच गुण क्यों बताए गए हैं?पृथ्वी शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध पाँचों गुणों से युक्त बताई गई है।#पृथ्वी#पाँच गुण#शब्द
सृष्टि तत्त्वपंच तन्मात्रा कैसे उत्पन्न होती हैं?अहंकार से शब्द, स्पर्श आदि तन्मात्राएँ उत्पन्न होती हैं और उनसे भूतसर्ग आगे बढ़ता है।#पंच तन्मात्रा#शब्द#स्पर्श
सृष्टि तत्त्वपंच तन्मात्रा कौन सी हैं?पंच तन्मात्रा शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध हैं।#पंच तन्मात्रा#शब्द#स्पर्श
लोकशब्द से आकाश कैसे बना?आदिनाद के प्रकट होने से ध्वनि के क्षेत्र के रूप में आकाश जागा।#शब्द#आकाश#आदिनाद