बुद्धि और प्रसादबुद्धि के अलग-अलग नाम क्यों बताए गए हैं?बुद्धि के नाम उसके कार्य और स्वरूप के अनुसार बताए गए हैं, जैसे मनन करने से मन, स्मरण करने से स्मृति और जानने से संवित्।#बुद्धि#महत्तत्त्व#प्रज्ञा
सर्गप्राकृत सर्ग कौन से हैं?प्रारम्भ के तीन सर्ग प्राकृत हैं: महत्तत्त्वादि, भौतिक और ऐन्द्रिय सर्ग।#प्राकृत सर्ग#महत्तत्त्व#भौतिक सर्ग
ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड के सात आवरण कौन से हैं?अण्ड के सात प्राकृत आवरण जल, तेज, वायु, आकाश, तामस अहंकार, महत्तत्त्व और अव्यक्त प्रधान बताए गए हैं।#ब्रह्माण्ड#सात आवरण#जल
ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।#ब्रह्माण्ड#अण्ड#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्वतामस अहंकार क्या है?तामस अहंकार तमोगुण की अधिकता वाला अहंकार है, जिससे भूतसर्ग का वर्णन किया गया है।#तामस अहंकार#तमोगुण#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्वराजस अहंकार क्या है?राजस अहंकार महत्तत्त्व से उत्पन्न रजोगुण की अधिकता वाला अहंकार है।#राजस अहंकार#रजोगुण#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्वसात्त्विक अहंकार क्या है?सात्त्विक अहंकार महत्तत्त्व से उत्पन्न संकल्प-अध्यवसायवृत्तिरूप अहंकार है।#सात्त्विक अहंकार#महत्तत्त्व#संकल्प
सृष्टि तत्त्वअहंकार कितने प्रकार का बताया गया है?अहंकार तीन प्रकार का बताया गया है: सात्त्विक, राजस और तामस।#अहंकार#सात्त्विक अहंकार#राजस अहंकार
सृष्टि तत्त्वमहत्तत्त्व कैसे उत्पन्न होता है?सृष्टि के समय तीन गुणों से युक्त अजरूप पुरुष की आज्ञा से अधिष्ठित माया से महत्तत्त्व उत्पन्न हुआ।#महत्तत्त्व#माया#अजा
सृष्टि तत्त्वछब्बीस तत्त्व कौन से हैं?छब्बीस रूपवाले लिंगतत्त्व का वर्णन सात, आठ और ग्यारह रूपों के क्रम से किया गया है।#छब्बीस तत्त्व#लिंग तत्त्व#महत्तत्त्व