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विस्तृत उत्तर
अनुक्रमणिका पाठ का फल पापों से मुक्ति और ब्रह्मलोक-प्राप्ति बताया गया है। वर्णन के अनुसार जो मनुष्य लिङ्गपुराण की इस संक्षिप्त अनुक्रमणिका को जानकर उसका कीर्तन या पाठ करता है, वह सभी पापों से छूटकर ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है। यह फल अनुक्रमणिका-वर्णन के अंत में स्पष्ट रूप से कहा गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 2, PDF पृष्ठ 20, श्लोक 55-56
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