विस्तृत उत्तर
वाणी के पाप अघोर मंत्र जप से मिटते बताए गए हैं। महादेव ने मानसिक, वाचिक और कायिक पापों के नाश की बात कही है। जप-संख्या में कहा गया है कि एक लाख अघोर मंत्र जप से ब्रह्महत्या जैसे पाप से मुक्ति होती है; उससे आधा जप वाचिक पापों के लिए बताया गया है। इसलिए वाणी से हुए पापों के लिए पचास हजार अघोर मंत्र जप का संकेत मिलता है। यह विधान पाप के प्रकार के अनुसार जप-संख्या घटाने-बढ़ाने की शैली में रखा गया है।
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