विस्तृत उत्तर
सुरापान का प्रायश्चित अघोर मंत्र जप से बताया गया है। पाठ में कहा गया है कि जानकर अथवा बिना जाने सुरापान करने वाला एक लाख जप से पापमुक्त हो जाता है। वारुणी, अर्थात् मद्य पीने वाले के लिए इसका आधा जप बताया गया है, यानी पचास हजार जप। इसमें किसी प्रकार का संशय नहीं कहा गया है। आगे महापातक करने वालों के लिए पंचगव्य, हवन, शिवस्नान, उपवास और गायत्री जप सहित विस्तृत विधि भी बताई गई है।
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