महापातक प्रायश्चितसुरापान का प्रायश्चित क्या है?सुरापान करने वाले के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप और वारुणी पीने वाले के लिए पचास हजार जप बताया गया है।#सुरापान#मद्यपान#अघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चितमहापातक से मुक्ति कैसे बताई गई है?महापातक से मुक्ति के लिए अघोर मंत्र जप, पंचगव्य-विधि, हवन, शिवस्नान, उपवास और गायत्री जप का विधान बताया गया है।#महापातक#ब्रह्महत्या#सुरापान
लोकसुरापान करने वाले को कौन सा दंड मिलता है?सुरापान करने वाला कुम्भीपाक या तपसुरी नरक में जाता है, जहाँ उसके मुख में खौलता पिघला धातु डाला जाता है।#सुरापान#महापातक#कुम्भीपाक
महिषासुर वधदेवी ने महिषासुर का वध किस प्रकार किया?देवी ने सुरापान किया → कहा: 'मेरे वध से शीघ्र ही देवता गर्जना करेंगे' → उछलकर महिषासुर की छाती पर पैर रखा → असुर व्याकुल हुआ → भैंसे के मुख से आधा बाहर निकलते ही खड्ग से मस्तक काटा → तीनों लोकों में हाहाकार शांत, धर्म की पुनः स्थापना।#महिषासुर वध विधि#सुरापान#छाती पर पैर