विस्तृत उत्तर
जानबूझकर किए गए पाप अघोर मंत्र के अधिक जप से मिटते बताए गए हैं। महादेव ने ब्रह्मा से कहा कि वे जानबूझकर किए गए पापों सहित अनेक पापों को दूर करते हैं। आगे जप-संख्या में बताया गया है कि बुद्धिपूर्वक, अर्थात् जानबूझकर किए गए पापों के लिए चार गुना जप करना चाहिए। यहाँ चार गुना की गणना उसी मूल जप-विधान के संबंध में दी गई है जिसमें ब्रह्महत्या जैसे पाप के लिए एक लाख जप कहा गया है। इसलिए जानबूझकर किए गए पापों के लिए अधिक जप का विधान रखा गया है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





