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विस्तृत उत्तर
वामदेव शिव की भक्ति से पाप दूर होने का मार्ग परमेश्वरपरायण ध्यान से बताया गया है। जो भक्त समाधि द्वारा ब्रह्मरूप परमेश्वर वामदेव का दर्शन करते हैं, वे विमल आत्मा वाले और ब्रह्मनिष्ठ हो जाते हैं। पाठ में कहा गया है कि ऐसे सभी भक्त पाप से छूटकर रुद्रलोक प्राप्त करते हैं। इसलिए वामदेव भक्ति, समाधि और ब्रह्मनिष्ठ चित्त पापमुक्ति से जुड़े हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 12, PDF पृष्ठ 65, श्लोक 14-15
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