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विस्तृत उत्तर
रुद्रलोक को वापस न आने वाला स्थान इसलिए बताया गया है क्योंकि पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि वामदेव का दर्शन करने वाले भक्त उस रुद्रलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ से जीव का पुनः संसार में आगमन नहीं होता। यह फल परमेश्वरपरायण, समाधिस्थ और ब्रह्मनिष्ठ भक्तों के लिये बताया गया है। वे पाप से मुक्त होकर विमल आत्मा बनते हैं और फिर रुद्रलोक को प्राप्त करते हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 12, PDF पृष्ठ 65, श्लोक 14-15
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