विस्तृत उत्तर
हाँ, महर्लोक से भी वापस आने की संभावना शास्त्रों में वर्णित है। भगवद्गीता (८.१६) का यह शाश्वत सिद्धांत कि आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन — ब्रह्मलोक तक जाने वाले सभी लोक पुनरावर्ती हैं अर्थात वहाँ से लौटकर आना पड़ता है — यह महर्लोक पर भी लागू होता है। यद्यपि यहाँ के निवासियों की आयु एक कल्प की है तथापि यदि वे सत्यलोक तक की यात्रा तय करके ब्रह्मा जी के साथ मोक्ष प्राप्त नहीं करते तो उन्हें पुनः सृष्टि चक्र में आना पड़ सकता है। महर्लोक भगवान विष्णु की भौतिक ऊर्जा का ही एक अत्यंत उन्नत प्रकटीकरण है अतः यह भगवान के साक्षात् वैकुण्ठ धाम से पूर्णतः भिन्न है।
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