ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

पुनरावर्तन से जुड़े सभी प्रश्न(5)

पुनरावर्तन पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

गीता के 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' का महर्लोक पर क्या अर्थ है?

गीता (८.१६) का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन' महर्लोक पर भी लागू है — यह भी पुनरावर्ती है। यहाँ से मोक्ष न मिला तो नई सृष्टि में वापसी होती है।

#गीता 8.16#आब्रह्मभुवनाल्#महर्लोक
लोक

भगवद्गीता में महर्लोक के बारे में क्या कहा गया है?

गीता (८.१६) में कृष्ण कहते हैं आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन — ब्रह्मलोक तक सभी लोक पुनरावर्ती हैं। इसलिए महर्लोक भी अंतिम मंजिल नहीं है।

#भगवद्गीता#महर्लोक#पुनरावर्तन
लोक

क्या महर्लोक से भी वापस आना पड़ता है?

हाँ, गीता (८.१६) कहती है आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन — ब्रह्मलोक तक सभी लोक पुनरावर्ती हैं। महर्लोक से भी वापसी की संभावना है यदि मोक्ष नहीं मिला।

#महर्लोक#वापसी#गीता 8.16
लोक

गीता का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' सत्यलोक पर कैसे लागू होता है?

गीता (8.16) सकाम कर्मियों पर पूरी तरह लागू है — वे सत्यलोक से भी लौटते हैं। पर क्रम मुक्ति के अधिकारी नहीं लौटते — वे महाप्रलय में मोक्ष पाते हैं।

#गीता 8.16#सत्यलोक#पुनरावर्तन
लोक

भगवद्गीता में सत्यलोक के बारे में क्या कहा गया है?

गीता (8.16) में कृष्ण कहते हैं — 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन' — ब्रह्मलोक (सत्यलोक) तक सभी लोक नश्वर हैं। सकाम कर्मी वहाँ से भी वापस आते हैं।

#भगवद्गीता#सत्यलोक#8.16
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।