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विस्तृत उत्तर
वामदेव शिव ने ब्रह्मा को यह वर दिया कि वे ध्यानबल का आश्रय लेकर कल्प-कल्प में उन्हें सर्वश्रेष्ठ और लोक के आधारस्वरूप परमेश्वर के रूप में जानेंगे। महादेव ने ब्रह्मा से कहा कि पुत्र की कामना से ध्यानपरायण होकर आपने मेरा दर्शन प्राप्त किया और भक्ति से स्तवन किया। इसी कारण वे प्रयत्नपूर्वक ध्यानबल से प्रत्येक कल्प में शिव को भलीभाँति जानेंगे।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 12, PDF पृष्ठ 64, श्लोक 5-7
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