विस्तृत उत्तर
जन्म-जन्मांतर के पाप अघोर मंत्र से जुड़ी पूरी प्रायश्चित-विधि से मिटते बताए गए हैं। इस विधि में कपिला गाय से लिए गए द्रव्यों और कुशजल को अघोर मंत्र से अभिमंत्रित करना, ब्रह्मकूर्च और सोना जोड़ना, अघोर मंत्र से हवन करना, शिव को घी और शुद्ध जल से स्नान कराना, दिन-रात उपवास करना, दूसरे दिन स्नान करके पंचगव्य पीना और शिव के आगे ब्रह्मसम्बन्धी गायत्री मंत्र का जप करना शामिल है। पाठ में कहा गया है कि इस विधि से सैकड़ों जन्म-जन्मान्तर के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
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