तंत्र साधनादुश्मन को शांत करने का अघोर मंत्रअकारण परेशान कर रहे शत्रु की बुद्धि को स्तंभित और शांत करने के लिए दक्षिण मुख होकर भगवान शिव के अघोर मंत्र ('ॐ अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो...') का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।#अघोर मंत्र#शिव#शत्रु शांति
पाँच शिव मंत्रअघोर मंत्र क्या है?अघोर मंत्र अथर्ववेद से उत्पन्न, आठ कलाओं से युक्त, तैंतीस अक्षरों वाला और कृष्णवर्ण बताया गया है।#अघोर मंत्र#अथर्ववेद#आठ कला
अघोर मंत्रअघोर मंत्र का रोज जप क्यों करें?सभी पापों से मुक्ति के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अघोर मंत्र का नित्य जप करने के लिए कहा गया है।#अघोर मंत्र#नित्य जप#द्विज
पाप मुक्तिजन्म-जन्मांतर के पाप कैसे मिटते हैं?अघोर मंत्र से अभिमंत्रित पंचगव्य, हवन, शिवस्नान, उपवास, पंचगव्य पान और गायत्री जप की विधि से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति कही गई है।#जन्म जन्मांतर पाप#अघोर मंत्र#पंचगव्य
शिव स्नानशिव स्नान की विधि क्या है?अघोर मंत्र जपते हुए आठ द्रोण घी से देवेश शिव को स्नान कराकर बाद में शुद्ध जल से स्नान कराने का विधान है।#शिव स्नान#घी स्नान#अघोर मंत्र
हवन विधिअघोर मंत्र से हवन कैसे करें?अघोर मंत्र जपकर घी, चरु, समिध, तिल, यव और धान्य से अलग-अलग सात-सात आहुति देने का विधान है।#अघोर मंत्र#हवन#घी
पंचगव्य विधिपंचगव्य विधि क्या है?पंचगव्य विधि में कपिला गाय का मूत्र, गोबर, घी, दूध, दही और कुशजल लेकर अघोर मंत्र से अभिमंत्रित करने का विधान है।#पंचगव्य#कपिला गाय#अघोर मंत्र
जप विधानमानस, उपांशु और वाचिक जप कितना बताया गया है?संसर्गजन्य पाप के लिए एक लाख मानस जप, उसका चार गुना उपांशु जप और आठ गुना वाचिक जप बताया गया है।#मानस जप#उपांशु जप#वाचिक जप
संसर्ग दोषपापी के संपर्क का दोष कैसे मिटता है?पापी के संपर्क से लगे दोष के लिए दस हजार जप बताया गया है; संसर्गजन्य पाप शमन के लिए मानस, उपांशु या वाचिक जप का विधान भी है।#संसर्ग दोष#पापी का संपर्क#अघोर मंत्र
पाप प्रायश्चितचोरी के पाप से मुक्ति कैसे मिलती है?ब्राह्मण का धन हरण करने वाले और स्वर्ण चोरी करने वाले के लिए दस लाख अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।#चोरी#स्वर्ण चोरी#ब्राह्मण धन
दैनिक आचारबिना स्नान-पूजा भोजन करने का उपाय क्या है?बिना स्नान, गायत्री-जप, अग्निहोत्र या देव-अतिथि भोजन कराए बिना भोजन करने वाले द्विज के लिए एक हजार जप बताया गया है।#बिना स्नान भोजन#गायत्री जप#अग्निहोत्र
महापातक प्रायश्चितसुरापान का प्रायश्चित क्या है?सुरापान करने वाले के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप और वारुणी पीने वाले के लिए पचास हजार जप बताया गया है।#सुरापान#मद्यपान#अघोर मंत्र
पाप प्रायश्चितगोहत्या और स्त्रीहत्या का उपाय क्या है?गोहत्या, कृतघ्नता और स्त्रीहत्या जैसे पापों के लिए दस हजार अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।#गोहत्या#स्त्रीहत्या#कृतघ्न
पाप प्रायश्चितक्रोध में किए पाप कैसे मिटते हैं?क्रोधपूर्वक किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का आठ गुना जप बताया गया है।#क्रोध में पाप#अघोर मंत्र#आठ गुना जप
पाप प्रायश्चितजानबूझकर किए पाप कैसे मिटते हैं?जानबूझकर किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का चार गुना जप बताया गया है।#जानबूझकर पाप#बुद्धिपूर्वक पाप#अघोर मंत्र
मानसिक-वाचिक पापमन के पाप कैसे मिटते हैं?मानसिक पापों के लिए वाचिक पाप की जप-संख्या से भी आधा अघोर मंत्र जप बताया गया है।#मानसिक पाप#मन के पाप#अघोर मंत्र
मानसिक-वाचिक पापवाणी के पाप कैसे मिटते हैं?वाचिक पापों के लिए अघोर मंत्र का पचास हजार जप बताया गया है, क्योंकि ब्रह्महत्या के एक लाख जप का आधा वाचिक पाप के लिए कहा गया है।#वाचिक पाप#वाणी के पाप#अघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चितब्रह्महत्या का प्रायश्चित क्या है?ब्रह्महत्या के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप से मुक्ति कही गई है; दूसरे स्थान पर ऐसे नराधम के लिए दस लाख मानस जप भी बताया गया है।#ब्रह्महत्या#प्रायश्चित#अघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चितमहापातक से मुक्ति कैसे बताई गई है?महापातक से मुक्ति के लिए अघोर मंत्र जप, पंचगव्य-विधि, हवन, शिवस्नान, उपवास और गायत्री जप का विधान बताया गया है।#महापातक#ब्रह्महत्या#सुरापान
अघोर मंत्रअघोर मंत्र से कौन से पाप मिटते हैं?अघोर मंत्र से महापातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक, मिश्रित, प्रासंगिक और जानबूझकर किए गए पापों का नाश बताया गया है।#अघोर मंत्र#पाप मुक्ति#महापातक
अघोर मंत्रअघोर मंत्र क्यों जपा जाता है?अघोर मंत्र सभी प्रकार के पातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक और अनेक पापों की शुद्धि के लिए जपा जाता है।#अघोर मंत्र#अघोरेश्वर#शिव
मंत्र और स्तोत्रमहोदरेश्वर गुप्त शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन-विधि और ध्यान मंत्र क्या हैं?पूजा एकांत और आडंबर-रहित होनी चाहिए। सात्त्विक (ध्यायेन्नित्यं महेशं...) और अघोर ध्यान मंत्र (अघोरेभ्यो नमो नित्यं...) के पश्चात पञ्चामृत स्नान, भस्म-लेपन और ॐ नमः शिवाय का मानसिक जाप करना चाहिए।#महोदरेश्वर पूजन विधि#शिव ध्यान मंत्र#अघोर मंत्र
मंत्र और स्तोत्रमहाकालेश्वर शिवलिंग के पूजन, अभिषेक और ध्यान के लिए किन वैदिक और तांत्रिक मंत्रों का प्रयोग करना चाहिए?पूजा के लिए स्कंद पुराण का 'ॐ हूँ विश्वमूर्तये नमः', अकाल मृत्यु भय नाशक महाकालेश्वर गायत्री (ॐ महाकालेश्वराय विद्महे...), अघोर ध्यान मंत्र और शुद्धि के लिए आत्मतत्त्व शोधन मंत्र का प्रयोग करना शास्त्रसम्मत है।#वैदिक मंत्र#तांत्रिक मंत्र#महाकालेश्वर गायत्री
तंत्र और अघोर साधनाअघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है?महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते हैं तथा काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।#अघोर साधना#वामाचार#कीनाराम परंपरा
शिव उपासनाअघोर शिव मंत्र क्या है?अघोर शिव का वैदिक मंत्र है — 'ॐ अघोरेभ्यो अथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः। सर्वेभ्यः सर्वशर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररूपेभ्यः॥' (शुक्लयजुर्वेद)। तांत्रिक साधना-मंत्र है — 'ॐ ह्रौं अघोर शिवाय नमः'। 'अघोर' का अर्थ है — जो किसी के लिए भयंकर नहीं, बल्कि सबके लिए सुलभ और कल्याणकारी है।#अघोर मंत्र#शिव अघोर#अघोरेश्वर मंत्र