विस्तृत उत्तर
अघोर मंत्र पापों की शुद्धि और पातकों के विनाश के लिए जपा जाता है। अघोररूप महादेव ने ब्रह्मा से कहा कि वे ब्रह्महत्या आदि महापातक, अन्य पातक और अनेक प्रकार के पाप अपने इसी रूप से दूर करते हैं। आगे मानसिक, वाचिक, कायिक, मिश्रित, प्रासंगिक, जानबूझकर किए गए, आगन्तुक और पितृ-मातृदेहजन्य पापों का भी नाश बताया गया है। अंत में द्विजों के लिए सभी पापों से मुक्ति हेतु अघोर मंत्र का नित्य जप कहा गया है।
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