विस्तृत उत्तर
बिना स्नान-पूजा भोजन करने का उपाय एक हजार अघोर मंत्र जप बताया गया है। पाठ में कहा गया है कि जो द्विज बिना स्नान किये भोजन करता है, गायत्री-जप और अग्निहोत्र किये बिना भोजन करता है, या देवताओं और अतिथियों आदि को भोजन कराए बिना स्वयं भोजन करता है, वह एक हजार जप करने से शुद्ध होता है। यह विधान दैनिक आचार से जुड़े दोषों के लिए है और इसमें शुद्धि का साधन अघोर मंत्र जप बताया गया है।
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